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शिक्षा का जीवन में अमूल्य योगदान है, यदि हम शिक्षित है तो हम अपने अधिकारों को जान सकते हैं और हमारे अधिकार हमारे हथियार है।

अधिकार हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है, हम शिक्षा को अपनाकर अपने भाग्य विधाता स्वयं बनते हैं। 

आज के इस विज्ञान के युग में तकनीकी का बोलबाला है, लेकिन हमें हमारे अधिकारों से कोई वंचित नहीं कर सकता है, राष्ट्रीय मानवाधिकार एंव सामाजिक न्याय आयोग के राष्ट्रीय ज्वाइंट सेक्रेटरी श्री शिव प्रताप चौधरी जी ने मोनफोर्ट न्यूज़ इंडिया से बातचीत में बताया कि हम अगर जागरूक हो जाये तो हमें हमारे अधिकारों की जानकारी हो ओर हमें कानून व्यवस्था में आस्था व संविधान के प्रति अपना आदर ज्ञात हो, हमें हमारी जिम्मेदारी पता हो तो हमारा कोई भी किसी भी प्रकार नुकसान नहीं कर सकता और इसके लिए केवल एक ही हथियार है वो है शिक्षा। शिक्षा मनुष्य को जानवर से इंसान बनाती है और जीवन जीना सीखाती है। तो आप सभी अपने प्रथम अधिकार जो शिक्षा के प्रति है उसे अपनाकर आगे बढ़ने का प्रयास करें। चौधरी जी शहीद भक्त सिंह को अपना आदर्श मानते हैं और गर्व से अपना सर ऊॅंचा रखते हैं उनका मानना है कि, हम जियेगें और मरेंगे ए वतन तेरे लिए, दिल दिया है जान भी देंगे ए वतन तेरे लिए और वह समाज के सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य करते रहते हैं। आयोग में पदाधिकारी होते हुए उन्होंने बहुत जरूरत मंदो की मदद की एवं उन्हें न्याय दिलाने में अपनी जिम्मेदारी पूर्ण रीति से निभाई, आप देहरादून उतराखंड के निवासी है वर्तमान में एंव  आपको पूरे भारतवर्ष का राष्ट्रीय मानवाधिकार एंव सामाजिक न्याय आयोग का कार्यभार सौंपा हुआ है।

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