

डॉ. अमित कुमार (जाॅन) स्वयं परेड़ ग्राउंड में महाकुंभ खेल की चयन प्रक्रिया देखकर दंग रहे गये, खेल विभाग का एक भी अधिकारी मैदान में चयन प्रक्रिया में नहीं, ना ही कोई विज्ञप्ति निकाली, ना ही ग्रामीण क्षेत्रों और मण्डल स्तर पर, ना ही जिले स्तर पर सीधे एन जी ओ के लोग वो भी शांम 4 बजे आनफानन में प्रैक्टिस के माध्यम से खिलाड़ियों का सलेक्शन जबकि टीम पहले ही चयनित कर ली केवल फोरमैल्टी के लिए किया गया चयन, वहाँ अपने पसंद के कोचों और जिन स्कूलों में स्वयं चयन कर्त और उनके सहयोगी काम करते हैं उनका चयन किया गया और यहाँ तक कि किसी भी डाक्यूमेंट्स को नहीं लिया गया और इतना ही नहीं कुछ को तो इशारा कर कहा गया कि आप जाओ आपका सलैकशन हो गया है। कई तो ऐसे थे जिन्होंने हाल ही में सीनियर स्टेट चैंपियनशिप खेली और 20 से 26 साल तक के भी थे जिन्होंने आधार कार्ड गल्त बनवा रखा है गुप्त रूप से वहीं के नाराज खिलाड़ियों ने बताया। जब डाॅ. साहब ने खेल विभाग के डीएससो से मिलने पहुंचे तो वहाँ उपस्थित अधिकारियों ने टाल- मटोल की, किसी भी प्रकार की सरकारी स्तर पर या ब्लॉक स्तर पर कोई भी आयोजन या चयन प्रक्रिया नहीं हुई इतना ही नहीं वहाँ डीबीए और एस बी ए जैसी संस्था के लोग अपने ही खिलाड़ियों का चयन करते हैं ऐसा खुलासा वहीं गुप्त रूप से खिलाड़ियों ने बताया, कई ऐसे खिलाड़ियों की जानकारी भी दी जो हर साल अंडर 19 खेलते हैं इन अधिकारियों की मिलीभगत के कारण और नये लोगों को मौका नहीं मिलता साथ ही साथ सरकारी तौर पर कुछ नहीं होता प्राइवेट संस्था जो कराती है उसे अपने ही खाते में सरकारी खेल विभाग दिखा कर सारा पैसा रूपया भ्रष्टाचार कर अंदर कर लेता है। डाॅ. साहब ने कहा यह गंभीर विषय है और इसकी जाँच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए।




