

परेड ग्राउंड के खेल विभाग के अधिकारियों की हरकत ने डाला शक, मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रोफी महाकुंभ के तौर तरीकों ने भ्रष्टाचार की तरफ साफ साफ ईशारा किया, एसोसिएशन ने 3000 रूपये लेकर डिस्ट्रिक्ट बास्केटबॉल मैच कराया, जिसमें मात्र केवल 4 टीमों या 5 टीमों ने भाग लिया, जिसका कारण स्पष्ट गुप्त रूप से कई खिलाड़ियों ने बताया कि एसोसिएशन और खेल विभाग उतराखंड गल्त तरीके से उम्र पार कर चुके युवाओं को सर्टिफिकेट और नौकरियों में फायदा पहुंचाने और साथ ही साथ अपनी इज्जत बचाने के लिए वह ऐसे 22 से 26 साल के लड़कों को अंडर 19 में खिलाते है जिससे वह ट्रोफी जीत सके और एसोसिएशन के मैचों को ही सरकारी खेल विभाग देहरादून उतराखंड में शो कर देता है जबकि सरकारी स्तर पर पहले ब्लॉक, मणडल, और जिले में आते हैं वह सीधे धांधली करके एसोसिएशन में खेले युवाओं को सरकारी स्तर पर दिखाकर पैसा गोल करने की बात सामने आती है वहीं उतराखंड में राज्य में खेल विभाग को लाखों रूपया युवाओं के लिए मुख्यमंत्री चैपिंयनशिप ट्रोफी महाकुंभ के लिए दिया गया है वहीं एसोसिएशन की मिली भगत के साथ यह सब किया जाता है, सरकारी स्तर पर अभी तक किसी भी प्रकार का कोई भी आयोजन आयोजित नहीं किया गया जिसमें राज्य स्तर के लिए चयन किया जाए यह साफ साफ ईशारा करता है कि भ्रष्टाचार की नींव की जड़ें खेल विभाग के अधिकारियों और मंत्री तक जाती है जो इसका संज्ञान नहीं ले र




