

एक कार्यक्रम में शीरकत करते हुए, गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर डाॅ. अमित कुमार (जाॅन) ने सभी धर्म के गुरूओं को याद करते हुए उनका धन्यवाद दिया और ईश्वर को भी धन्यवाद दिया, उनका मानना है सर्वप्रथम ईश्वर ही गुरु हैं इसलिए कहा गया है ईश्वर हमारे मार्ग दर्शक एवं हमारे गुरु है।
डाॅ. अमित कुमार (जाॅन) ने आज के दिन अपने गुरूओं को भी याद कर उनका धन्यवाद दिया एंव अपने जीवन के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने अपने संदेश में सभी से आग्रह किया कि उनके जीवन में एक गुरु होना चाहिए चाहे वो ईश्वर को ही अपना गुरु बनाये। अपने अमूल्य वचनों के साथ अंत में सभी शिष्यों और विधार्थियों से अपने गुरूओं का सम्मान का आग्रह किया, गुरु जब मार्ग दिखाते हैं तब वह अपने शिष्यों को अपने बच्चों की तरह मार्ग दिखाते हुए उनके जीवन को बहू मल्य बबनाने के लिए भरसक प्रयास करते हैं और उनकी कामना यह होती है कि उनका शिष्य उनसे भी आगे बढ़ जाए, ऐसी शुभकामनाएं करते हुए डाॅ. अमित कुमार (जाॅन) ने अपनी वाणी को विराम दिया।




