

देहरादून में टाटा कैपिटल फाइनेंस की कार गुजारी सामने आयी एक याचिका कर्ता ने बताया कि उन्होंने 2018 में एक कार खरीदी जिसकी उन्होंने डाउनपेंमट देकर 7 साल के लिए 84 किस्ते तय की गई लगातार किस्ते दी गई वहीं पर 4 या 5 किस्ते कोरोना काल में नहीं दे पाए परिस्तिथियों और गवर्नमेंट के आदेश पर 3 या 4 किस्ते माफ करने और बयाज मुक्त रखने के आदेश के बाद किसी व्यक्ति को भेज भेज कर जबरदस्ती तंग किया गया परंतु किसी भी तरीके से लगातार किस्ते जमा की गई और साथ ही लेट फाइन भी जबरदस्त लगाया गया और वह भी ईमानदारी से जमा किया गया जिसकी स्टेटमेंट से ईमानदारी झलकती है वहीं प्रार्थ को बची 4 या 5 किस्तों के लिए मौखिक बताया कि हम बिना बयाज लिए जितना है उतने ही पैसे आपसे लेगें और यह कोरोना के वजह से माफ भी हो सकते हैं एक कागज पर हस्ताक्षर करने और आधार कार्ड जमा करने को बताया वहीं प्रार्थ की उन दिनों में तबीयत भी खराब रही, प्रार्थ ने समस्त 84 किस्ते और डाउनपेंमट भी अलग से दी थी पूरी होने पर अपने गाड़ी की एनओसी और अन्य दस्तावेज मांगे तो साफ साफ मना कर दिया गया और 1 लाख 53 के लगभग बैलेंस बताया गया, देहरादून में कई फाइनेंस कंपनियों के हाल बुरे हाल है और पिछे भी डीएम देहरादून ने न्याय किया और प्रार्थी अब डीएम महोदय से मिलकर कंपनी की कार गुजारी बतायेंगे।




